किसान की बात,सूत्र के साथ

छत्तीसगढ़ के किसान ने बंजर जमीन को सोना बनाया, ग्राफ्टेड तकनीक से उगाए टमाटर-बैंगन, कमाए 4.25 लाख

newz@gmail.com | Sep 7, 2026, 13:39 IST

छत्तीसगढ़ के किसान एतवार साय पैकरा ने बंजर जमीन पर ग्राफ्टेड तकनीक से टमाटर-बैंगन उगाकर 187 क्विंटल उत्पादन और 4.25 लाख रुपए की कमाई की। जानें एतवार की प्रेरक कहानी।

ग्राफ्टेड टमाटर-बैंगन

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक प्रेरक खबर सामने आई है। यहां के एक किसान ने बंजर जमीन को भी सोना बना दिया। लैलूंगा विकासखंड के गांव झारआमा के किसान एतवार साय पैकरा ने कमाल किया है। उन्होंने ग्राफ्टेड तकनीक से टमाटर और बैंगन की खेती की। इससे उन्हें बंपर उत्पादन और अच्छी आमदनी मिली।

बंजर जमीन थी चुनौती

एतवार साय पैकरा की जमीन गांव से दूर जंगल के पास है। यहां सिंचाई के साधन भी नहीं थे। इस वजह से यहां खेती करना आसान नहीं था। लंबे समय तक यह जमीन बेकार पड़ी रहती थी। किसान चाहकर भी इस जमीन का सही इस्तेमाल नहीं कर पा रहे थे। छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में इस तरह की जमीन आम बात है। ऐसी जमीन को किसान अक्सर खाली छोड़ देते हैं, क्योंकि पानी नहीं होता। नतीजा यह होता है कि जमीन का पूरा फायदा किसान को नहीं मिल पाता।

कैसे मिली विभाग से मदद

उद्यानिकी विभाग ने किसान को सही तकनीक अपनाने की सलाह दी। सबसे पहले जमीन का समतलीकरण कराया गया। इसके बाद सिंचाई के लिए ड्रिप तकनीक अपनाई गई। साथ में मल्चिंग पद्धति का भी इस्तेमाल किया गया। इन दोनों तकनीकों से पानी की बचत होती है। इससे खेती की लागत भी कम हो जाती है। सरकारी योजना का लाभ मिलने से किसान की हिम्मत भी बढ़ी। धीरे धीरे बंजर जमीन खेती लायक बनने लगी।

ग्राफ्टेड तकनीक क्या है

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत यह खेती की गई। वर्ष 2025-26 में किसान ने 0.400 हेक्टेयर जमीन पर बुआई की। इस जमीन पर ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन के पौधे लगाए गए। ग्राफ्टेड सब्जी की खेती परंपरागत खेती से अलग होती है। इसमें पौधे के नीचे का हिस्सा रूटस्टॉक (Rootstock) कहलाता है। यह असल में जंगली बैंगन की जड़ होती है। ऊपर टमाटर या हाइब्रिड बैंगन का हिस्सा जोड़ा जाता है। इसे सायन (Scion) कहा जाता है।

तकनीक के फायदे

यह तकनीक सामान्य खेती से कई मायनों में बेहतर मानी जाती है। ग्राफ्टेड पौधे बीमारियों से लड़ने में ज्यादा सक्षम होते हैं। यह पौधे ज्यादा पानी या लंबे सूखे को भी सह लेते हैं। भारी बारिश में भी यह पौधे टिके रहते हैं। यही वजह है कि किसानों को इनसे बेहतर उत्पादन मिलता है। पारंपरिक खेती में ऐसी परिस्थितियों में फसल खराब होने का खतरा ज्यादा रहता है। ग्राफ्टेड तकनीक इस जोखिम को काफी हद तक कम कर देती है। यही कारण है कि उद्यानिकी विभाग इसे बढ़ावा दे रहा है।

कितना हुआ उत्पादन

किसान की मेहनत रंग लाई और शानदार नतीजे मिले। टमाटर की फसल से 87 क्विंटल उत्पादन हुआ। इसे बेचकर किसान को 1 लाख 75 हजार रुपए मिले। बैंगन की फसल से 100 क्विंटल उत्पादन हुआ। इसकी बिक्री से 2 लाख 50 हजार रुपए मिले। दोनों फसलों को मिलाकर कुल उत्पादन 187 क्विंटल रहा।

आमदनी और मुनाफे का गणित

कुल मिलाकर किसान को 4 लाख 25 हजार रुपए की बिक्री हुई। इस खेती में किसान की कुल लागत 1 लाख 45 हजार रुपए आई। लागत निकालने के बाद किसान को 2 लाख 80 हजार रुपए का मुनाफा हुआ। यह मुनाफा किसी भी छोटे किसान के लिए बड़ी उपलब्धि है। खासकर तब, जब यह कमाई बंजर जमीन से हुई हो। यही बात इस कहानी को और खास बनाती है। एक ऐसी जमीन जो कभी बेकार मानी जाती थी। वह अब आय का बड़ा जरिया बन गई है।

आगे और आय की उम्मीद

अभी भी बैंगन की फसल से उत्पादन लगातार जारी है। आने वाले समय में और भी उत्पादन मिलने की उम्मीद है। अनुमान है कि 150 से 200 क्विंटल अतिरिक्त उत्पादन हो सकता है। इससे किसान को 4 से 5 लाख रुपए की अतिरिक्त आय हो सकती है। यानी किसान की कुल कमाई और भी बढ़ सकती है।

दूसरे किसान भी प्रेरित

एतवार साय पैकरा की इस सफलता की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। गांव के दूसरे किसान भी इससे प्रेरित हो रहे हैं। कई किसान अब ग्राफ्टेड सब्जियों की खेती अपनाने की सोच रहे हैं। उद्यानिकी विभाग की मदद से यह तकनीक और किसानों तक पहुंच सकती है। इससे बंजर और असिंचित जमीन का भी सही उपयोग हो सकेगा। इस तरह की सफलता की कहानियां दूसरे किसानों में नया भरोसा पैदा करती हैं। कई किसान अभी भी परंपरागत खेती पर ही निर्भर हैं। ऐसे में यह उदाहरण उन्हें नई तकनीक अपनाने का हौसला दे सकता है।

ये भी पढ़ें…

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के लिए एग्री-स्टैक अनिवार्य, राज्य सरकार ने लागू की नई व्यवस्था

छत्तीसगढ़ के किसानों को सौगात, 21 सिंचाई योजनाओं के लिए राज्य सरकार ने 76.93 करोड़ मंजूर किए

धान के कटोरे छत्तीसगढ़ के दो मुख्यमंत्री, जिनका खेती से है गहरा नाता

नमो ड्रोन दीदी योजना: गांव की महिलाएं बनीं टेक पायलट, खेतों में भर रहीं उड़ान

GENERAL newz@gmail.com

Read more