छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य के जल संसाधन विभाग ने सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने 21 योजनाओं के लिए कुल 76 करोड़ 93 लाख रुपए मंजूर किए हैं। इन योजनाओं में जलाशयों का जीर्णोद्धार, नहरों की सीसी लाइनिंग यानी सीमेंट कंक्रीट लाइनिंग, एनीकट निर्माण और बाढ़ नियंत्रण के काम शामिल हैं।
कांकेर में पांच सिंचाई योजनाओं को मंजूरी
कांकेर जिले में पांच सिंचाई योजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनसे कुल 898 हेक्टेयर खेतों तक पानी पहुंचेगा। कोयलीबेड़ा के पी.व्ही. 114 जलाशय के लिए 2.72 करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं, जिससे 28.4 हेक्टेयर जमीन को फायदा मिलेगा।
इसके अलावा पी.व्ही. 36 जलाशय के लिए 4.96 करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं, जिससे 400.2 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा। पानीडोबरी एनीकट के लिए 3.41 करोड़ रुपए मिले हैं, जो 60 हेक्टेयर जमीन को कवर करेगा। गोलकुम्हड़ा जलाशय के लिए 4.50 करोड़ रुपए और मरकाटोला नहर लाइनिंग के लिए 4.99 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
कोंडागांव में तालाबों का होगा सुधार
कोंडागांव जिले में भी पांच योजनाओं को हरी झंडी मिली है। बड़ेडोंगर जलाशय के लिए 3.35 करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं, जिससे 50 हेक्टेयर जमीन को पानी मिलेगा। लंजोड़ा उद्वहन योजना के लिए 3.88 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं, जो 295 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करेगी।
श्यामपुर व्यपवर्तन योजना के लिए 3.45 करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं, जिससे 201 हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी। घोड़ागांव एनीकट की मरम्मत के लिए 4.28 करोड़ रुपए और सोनाबाल जलाशय के लिए 1.95 करोड़ रुपए दिए गए हैं।
बस्तर में सिंचाई के साथ बाढ़ से भी राहत
बस्तर जिले में सिंचाई के साथ-साथ बाढ़ नियंत्रण पर भी ध्यान दिया गया है। मुंजला तालाब के लिए 2.47 करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं, जिससे 30 हेक्टेयर जमीन को फायदा होगा। संतोषा में स्टॉपडेम बनाने के लिए 3.45 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जो 70 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करेगा।
इंद्रावती नदी पर तटरक्षण के काम के लिए 4.04 करोड़ रुपए और बाढ़ नियंत्रण के लिए 4.15 करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं। इसके अलावा चित्रकोट में ग्लासडेक ब्रिज बनाने के लिए 4.90 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। यह ब्रिज पर्यटन को भी बढ़ावा दे सकता है।
दंतेवाड़ा में 600 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन को फायदा
दंतेवाड़ा जिले में तीन योजनाओं को मंजूरी दी गई है। बारसूर जलाशय के जीर्णोद्धार के लिए 4.99 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं, जिससे 217 हेक्टेयर जमीन को पानी मिलेगा। कुम्हाररास जलाशय के लिए 4.98 करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं, जो 320 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करेगा।
बालूद एनीकट के लिए भी 2.92 करोड़ रुपए दिए गए हैं, जिससे 70 हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी। इस तरह दंतेवाड़ा में कुल मिलाकर 600 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन को सीधा फायदा मिलेगा।
तीन और जिलों में भी होंगे काम
सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर में भी विकास कार्यों को मंजूरी मिली है। सुकमा के बण्डा जलाशय के उन्नयन के लिए 1.74 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं, जिससे 115 हेक्टेयर जमीन को फायदा मिलेगा।
बीजापुर में निरीक्षण गृह बनाने के लिए 1.90 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। वहीं नारायणपुर में कार्यालय भवनों और पाइपलाइन सुधार के लिए 4.07 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। यह काम प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने में मदद करेगा।
किसानों को कैसे मिलेगा फायदा
इन सभी योजनाओं से राज्य के कई जिलों में सिंचाई सुविधा बेहतर होगी। जलाशयों के सुधार और नहरों की लाइनिंग से पानी की बर्बादी कम होगी। इससे किसानों को समय पर और पर्याप्त पानी मिल सकेगा।
बाढ़ नियंत्रण से जुड़े कामों से नदी किनारे बसे गांवों को भी राहत मिलेगी। खासकर बस्तर और दंतेवाड़ा जैसे इलाकों में जहां मानसून के दौरान बाढ़ की समस्या रहती है, वहां यह काम खासा फायदेमंद साबित हो सकता है।
आने वाले समय में असर दिखेगा
विभाग की यह पहल राज्य में सिंचाई क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। कुल मिलाकर इन योजनाओं से हजारों हेक्टेयर जमीन को सीधा फायदा पहुंचेगा। किसानों को उम्मीद है कि इससे उनकी फसल उत्पादन क्षमता में भी सुधार आएगा।
आने वाले महीनों में इन योजनाओं पर काम शुरू होने की उम्मीद है। स्थानीय प्रशासन को समय पर काम पूरा कराने की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि किसानों को जल्द से जल्द फायदा मिल सके।
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