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सीजी में धान बेचने किसानों को घर से दूर नहीं जाना होगा, सरगुजा जिले में खुल रहे सात नए उपार्जन केंद्र

newz@gmail.com | Sep 25, 2026, 20:13 IST

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में सात नए धान उपार्जन केंद्र खुलेंगे। इन केंद्रों से किसानों को दूर जाना नहीं पड़ेगा। समय, परिवहन खर्च और श्रम बचने की उम्मीद है। केंद्रों पर पेयजल, छाया, बिजली और डिजिटल सत्यापन जैसी सुविधाएं होंगी।

उपार्जन केंद्र

सरगुजा में धान बेचने की व्यवस्था अब गांवों के करीब होगी। राज्य शासन की स्वीकृति के बाद सात नए केंद्र बनाए जाएंगे। यह सुविधा खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए बताई गई है। नए केंद्र दूरस्थ इलाकों के किसानों के लिए उपयोगी होंगे। इससे किसानों को धान बेचने के लिए लंबी दूरी घट सकती है। उपज बेचने में लगने वाला समय भी कम होगा। परिवहन खर्च घटने से किसानों को सीधा फायदा मिल सकता है। धान उपार्जन प्रक्रिया को भी आसान बनाने का प्रयास है।

कहां खुलेंगे नए धान उपार्जन केंद्र

सरगुजा जिले में सात जगहों को नए केंद्रों के लिए चुना गया है। अंबिकापुर विकासखंड के ग्राम खालीवा में केंद्र बनाया जाएगा। लुंड्रा विकासखंड के ग्राम पड़ोली में भी केंद्र खुलेगा। लखनपुर विकासखंड के ग्राम अंधला में नया केंद्र स्वीकृत है। उदयपुर विकासखंड के ग्राम चकेरी में भी केंद्र बनेगा। इसके अलावा उलकिया, रजौटी और बिनकरा में केंद्र स्वीकृत हुए हैं।

इन केंद्रों का उद्देश्य किसानों को नजदीकी खरीद सुविधा देना है। दूरस्थ गांवों के किसानों को इसका ज्यादा लाभ मिल सकता है। उन्हें धान लेकर लंबी दूरी तय करने की जरूरत घटेगी। इससे परिवहन व्यवस्था पर होने वाला खर्च भी कम हो सकता है। किसानों का समय और श्रम बचने की भी संभावना है।

कलेक्टर ने दिए जरूरी निर्देश

सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने व्यवस्थित और सुचारू धान खरीदी सुनिश्चित करने को कहा। नए केंद्रों की व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए। किसानों को असुविधा नहीं हो, इसके लिए तैयारी पर जोर है। इससे खरीद शुरू होने से पहले व्यवस्थाएं पूरी करने में मदद मिलेगी।

कलेक्टर के निर्देशों का मुख्य फोकस किसान सुविधा पर है। नए केंद्रों पर जरूरी व्यवस्थाएं पहले से तैयार की जाएंगी। इससे खरीद प्रक्रिया के दौरान होने वाली परेशानियां कम हो सकती हैं। किसानों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

केंद्रों पर मिलेंगी ये सुविधाएं

नए धान उपार्जन केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। किसानों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था होगी। केंद्र परिसर में छायादार जगह भी उपलब्ध रहेगी। बिजली और प्रकाश की व्यवस्था भी की जाएगी। किसानों के लिए पहुंच मार्ग को भी सुगम बनाया जाएगा। इन सुविधाओं से खरीद के दौरान किसानों को राहत मिलेगी।

केंद्रों पर तकनीकी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की तैयारी है। कम्प्यूटर और यूपीएस (Uninterruptible Power Supply) की व्यवस्था होगी। जरूरत पड़ने पर जनरेटर की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इससे बिजली से जुड़ी दिक्कतों का असर कम हो सकता है।

किसानों के सत्यापन के लिए बायोमेट्रिक (Biometric) सुविधा होगी। आईरिस सत्यापन (Iris Recognition) की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इन व्यवस्थाओं से प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।

किसानों को कैसे मिलेगी राहत

धान बेचने के लिए दूरी कम होना किसानों के लिए अहम है। दूर के केंद्र तक उपज पहुंचाने में अतिरिक्त खर्च होता है। इसके अलावा किसान का समय भी परिवहन में खर्च होता है। नजदीकी केंद्र मिलने से यह बोझ कुछ कम हो सकता है।

छोटे किसानों के लिए यह सुविधा ज्यादा उपयोगी हो सकती है। उन्हें उपज बेचने के लिए कम दूरी तय करनी पड़ेगी। इससे श्रम और परिवहन दोनों की बचत हो सकती है।

नए केंद्रों से गांवों के करीब खरीद व्यवस्था बनेगी। इससे धान उपार्जन प्रक्रिया किसानों के लिए ज्यादा सुलभ होगी। तकनीकी सत्यापन से प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी। पेयजल और छाया जैसी सुविधाएं इंतजार के दौरान उपयोगी रहेंगी। प्रकाश और बिजली की व्यवस्था से संचालन में सुविधा होगी।

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