हरियाणा के कुरुक्षेत्र में धान खरीद का मुद्दा गरमाया था। किसानों ने सरकारी खरीद तुरंत शुरू कराने की मांग की थी। इसी मांग को लेकर किसानों ने धरना शुरू किया था। किसान मंगलवार से बाराड़ा हाईवे के पास बैठे थे। यह जगह स्टेट हाईवे-4 के पास बताई गई है।
बुधवार 23 सितंबर को किसानों ने हाईवे की ओर बढ़ने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद प्रशासन ने किसानों से बातचीत की। किसानों की मुलाकात कुरुक्षेत्र के उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा से हुई। बैठक में खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
24 सितंबर से शुरू होगी तौल
प्रशासन ने 24 सितंबर से धान की तौल शुरू करने पर सहमति जताई। इसके बाद 25 सितंबर से गेट पास जारी होंगे। गेट पास किसानों के लिए मंडी प्रवेश की जरूरी अनुमति है। इसके जरिए किसान सरकारी खरीद के लिए धान मंडी ला सकते हैं।
इस फैसले के बाद किसानों ने अपना धरना खत्म कर दिया। किसानों ने समझौते को अपनी जीत बताया। उन्होंने हाईवे पर नाचकर खुशी भी जताई। किसानों के मुताबिक अब खरीद शुरू होने का रास्ता साफ हुआ है।
पहले पहुंच चुके धान की भी जांच
मंडी में पहले से धान पहुंचा चुके किसानों को भी राहत मिलेगी। प्रशासन ने ऐसे धान की जांच कराने की बात कही है। निर्धारित जगह पर रखे धान का बायोमेट्रिक सत्यापन (Biometric Verification) होगा। इससे किसानों को फसल वापस ले जाने की जरूरत नहीं होगी।
इस व्यवस्था से किसानों का दोबारा परिवहन खर्च बच सकता है। किसानों को धान वापस लेकर फिर मंडी नहीं आना पड़ेगा। प्रशासन पहले से मौजूद फसल की पहचान करेगा। इसके बाद उसकी खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
किसानों की मांग क्या थी
किसानों की मुख्य मांग सरकारी धान खरीद तत्काल शुरू कराने की थी। किसानों का कहना था कि खरीद केंद्रों पर प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए। इसके लिए किसानों ने कुरुक्षेत्र में धरना दिया था। मंगलवार को शाहाबाद में भी किसान प्रदर्शन कर चुके थे।
शाहाबाद में किसानों ने दिल्ली-चंडीगढ़ जीटी रोड जाम किया था। प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन (BKU) चढ़ूनी के सदस्य शामिल थे। किसान सरकारी खरीद केंद्रों पर तुरंत खरीद चाहते थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की थी।
पुलिस ने पानी की बौछार का इस्तेमाल किया था। इसके अलावा आंसू गैस का भी इस्तेमाल हुआ था। इससे पहले प्रशासन और किसानों के बीच बातचीत भी हुई थी। हालांकि उस समय सहमति नहीं बन पाई थी।
किसानों के लिए क्यों अहम है फैसला
धान खरीद में देरी होने पर किसानों को मंडी में इंतजार करना पड़ता है। इससे फसल रखने की समस्या भी बढ़ सकती है। परिवहन और मजदूरी का खर्च भी किसानों पर पड़ सकता है। अब तौल शुरू होने से खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
25 सितंबर से गेट पास मिलने की प्रक्रिया शुरू होगी। इससे किसानों को मंडी में फसल लाने की व्यवस्था मिलेगी। पहले से मंडी पहुंच चुके किसानों को अलग राहत मिलेगी। उन्हें फसल वापस ले जाने की जरूरत नहीं होगी।
अब आगे क्या होगा
24 सितंबर से प्रशासन धान की तौल शुरू करेगा। 25 सितंबर से किसानों को गेट पास मिलेंगे। इसके साथ मंडियों में धान की आवक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। पहले से रखे धान का सत्यापन भी किया जाएगा।
किसानों के लिए अब खरीद प्रक्रिया समझना जरूरी होगा। मंडी जाने से पहले संबंधित व्यवस्था की जानकारी लेना उपयोगी रहेगा। किसानों को जरूरी दस्तावेज और फसल विवरण साथ रखना चाहिए। इससे मंडी पहुंचने पर परेशानी कम हो सकती है।
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