मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में सोयाबीन को लेकर बवाल हो गया। मामला खिलचीपुर कृषि उपज मंडी का है और घटना तीन अक्टूबर यानी शनिवार की है। खरीदी में देरी और कम भाव से किसान नाराज थे। गुस्से में उन्होंने मंडी के बाहर चक्काजाम कर दिया। इसी बीच कुछ युवकों ने व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की। पूरी घटना मंडी के सीसीटीवी (Closed Circuit Television) कैमरों में कैद हुई है।
खिलचीपुर मंडी में क्या हुआ
शनिवार तीन अक्टूबर को मंडी में सोयाबीन की बड़ी आवक हुई थी। किसान सुबह से ही अपनी उपज लेकर मंडी में खड़े थे। किसानों के मुताबिक मंडी में करीब 200 ट्रॉली सोयाबीन खड़ी थी। इनमें से सभी किसानों की उपज की नीलामी नहीं हो सकी।
शाम होने के बाद खरीदी बंद हो गई। इससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई। किसानों का कहना था कि अगले दो दिन छुट्टी है। ऐसे में उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए और इंतजार करना पड़ता। यही बात उन्हें सबसे ज्यादा चुभ गई।
सोयाबीन के भाव पर सवाल
किसानों ने भाव को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि सही भाव करीब 6 हजार रुपए प्रति क्विंटल होना चाहिए। लेकिन मंडी में उन्हें 5,100 से 5,200 रुपए क्विंटल का भाव मिल रहा है। किसानों के हिसाब से हर क्विंटल पर 800 से 900 रुपए का फर्क है।
भवानीपुर के किसान शिव सिंह और नागपुरिया के लखन दांगी ने भी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसान लंबे समय से अपनी उपज लेकर मंडी में खड़े हैं। किसान जितेंद्र सोंधिया ने बताया कि वह पिछले दिन से मंडी में मौजूद थे। फिर भी शाम तक उनकी सोयाबीन की खरीदी नहीं हुई।
सड़क पर पत्थर, ट्रॉलियां आड़ी
शाम करीब 6:30 बजे किसानों का गुस्सा और बढ़ गया। करीब 500 किसानों ने मंडी के बाहर सड़क पर पत्थर डाल दिए। उन्होंने ट्रैक्टर-ट्रॉलियां आड़ी लगाकर रास्ता भी बंद कर दिया। इस तरह चक्काजाम शुरू हो गया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने किसानों को समझाने की कोशिश की। लेकिन किसान खरीदी शुरू होने तक रास्ता खोलने को तैयार नहीं थे। इससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई।
व्यापारियों के यहां तोड़फोड़
चक्काजाम के बीच कुछ युवक लाठी-डंडे लेकर मंडी परिसर में पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने करीब 10 मिनट तक कई प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की। फुटेज में कुछ लोग रामप्रसाद शिवनारायण ट्रेडर्स के गेट पर पत्थर फेंकते दिखे।
लोग लाठी-डंडों से लाइट, बल्ब और कैमरे तोड़ते भी नजर आ रहे हैं। प्लास्टिक की कुर्सियां भी तोड़ी गईं। द्वारकाधीश ट्रेडर्स के बाहर रखे तौल कांटे और कुर्सियां भी तोड़ने का आरोप है। व्यापारियों के मुताबिक करीब 12 प्रतिष्ठानों में नुकसान हुआ। तौल कांटे, कैमरे, लाइट और कुर्सियां टूटीं।
कमरों में बंद हुए व्यापारी
तोड़फोड़ के दौरान व्यापारियों में डर का माहौल बन गया। व्यापारी कैलाश चंद्र खडेलवाल, जगदीश गुप्ता और सुरेश शिवनारायण गुप्ता ने पूरी बात बताई। उनके मुताबिक कुछ लोग लाठी-डंडे लेकर प्रतिष्ठानों में पहुंचे और सामान तोड़ने लगे।
खुद को सुरक्षित रखने के लिए व्यापारी कमरों के अंदर चले गए। उन्होंने भीतर से गेट बंद कर लिए। अब व्यापारियों ने मंडी प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
मंडी सचिव बोले- अंधेरा होते ही हंगामा हो गया
मंडी सचिव रामप्रसाद राज ने अपना पक्ष रखा। उनके मुताबिक शनिवार को मंडी में काम समय पर शुरू हुआ था। यह सीजन की पहली बड़ी आवक थी। इसलिए सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक खरीदी और नीलामी चलती रही।
सचिव ने बताया कि किसानों के भुगतान के लिए बैंक का काम था। इसी वजह से करीब एक घंटे का आराम दिया गया। इसके बाद शाम 5 बजे से 6:15 बजे तक फिर खरीदी हुई। अंधेरा होने पर मंडी का काम बंद करना पड़ा।
सचिव के अनुसार करीब 50 किसानों की उपज की खरीदी बाकी रह गई थी। इसके बाद किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि तोड़फोड़ पर पुलिस में शिकायत की जा रही है। यह शिकायत फुटेज के आधार पर होगी।
व्यापारियों का दावा अलग
मंडी के व्यापारियों का कहना है कि शनिवार को आवक बहुत ज्यादा थी। उनके मुताबिक ज्यादा आवक से करीब 100 ट्रैक्टरों की नीलामी नहीं हो सकी। किसानों को अगले दिन नीलामी के लिए आने को कहा गया था।
व्यापारियों का आरोप है कि इसके बाद कुछ किसानों ने गुस्से में तोड़फोड़ की। यहां एक बात ध्यान देने की है। बची हुई उपज को लेकर किसानों, व्यापारियों और सचिव के आंकड़े अलग-अलग हैं। किसान करीब 200 ट्रॉली बता रहे हैं। व्यापारी करीब 100 ट्रैक्टर कह रहे हैं। सचिव के मुताबिक करीब 50 किसानों की उपज बची थी।
पुलिस की जांच शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही खिलचीपुर थाना प्रभारी कमल सिंह गेहलोत मौके पर पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों से पूरी घटना की जानकारी ली। पुलिस ने मंडी में लगे कैमरों की फुटेज भी देखी है।
थाना प्रभारी के मुताबिक फुटेज से तोड़फोड़ करने वालों की पहचान हो रही है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। अभी किसी पर दोष सिद्ध होना बाकी है। जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा कि तोड़फोड़ में कौन शामिल था।
प्रशासन का भरोसा, खुला रास्ता
खिलचीपुर एसडीएम (Sub Divisional Magistrate) ज्योति राजोरिया भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने खरीदी में देरी और सोयाबीन के भाव पर अपनी नाराजगी रखी।
प्रशासन ने किसानों को भरोसा दिलाया। रविवार को छुट्टी होने पर भी खरीदी शुरू कराने की कोशिश होगी। इस भरोसे के बाद किसान माने। उन्होंने शाम करीब सात बजे चक्काजाम खत्म कर दिया। सड़क पर यातायात फिर सामान्य हो गया।
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