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राजस्थान में किसानों को मिनी स्प्रिंकलर लगाने पर 70 फीसदी तक सब्सिडी दे रही सरकार, ऐसे करें आवेदन

newz@gmail.com | Sep 7, 2026, 12:38 IST

राजस्थान सरकार किसानों को मिनी स्प्रिंकलर संयंत्र लगाने के लिए 70-75% अनुदान दे रही है। जानें पात्रता, दस्तावेज और आवेदन का पूरा तरीका।

मिनी स्प्रिंकलर

राजस्थान एक सूखा प्रभावित राज्य है। यहां पानी की हर बूंद कीमती मानी जाती है। पारंपरिक सिंचाई से काफी पानी बर्बाद होता है। इससे उत्पादन भी कम रहता है। इसी समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने नई योजना शुरू की है। इसका नाम मिनी स्प्रिंकलर संयंत्र योजना रखा गया है। इस योजना में किसानों को भारी अनुदान दिया जा रहा है। सरकार का मकसद कम पानी में ज्यादा फसल उगाना है।

भूजल बचाने में मददगार

राजस्थान के कई इलाकों में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है। खेती में पानी का सही इस्तेमाल न होने से समस्या बढ़ती जा रही है। मिनी स्प्रिंकलर तकनीक इस समस्या को कम करने में मदद कर सकती है। इससे पानी सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचता है। खेत में पानी बहने या बर्बाद होने की समस्या भी कम होती है।

सूक्ष्म सिंचाई तकनीक पूरे देश में बढ़ावा पा रही है। स्प्रिंकलर और ड्रिप सिंचाई से पानी की बचत होती है। राजस्थान जैसे कम पानी वाले राज्यों में यह तकनीक बेहद जरूरी है। सरकार चाहती है कि ज्यादा किसान इसे अपनाएं। इससे राज्य में सिंचाई का पूरा तरीका बदल सकता है।

कितनी मिलेगी सब्सिडी

योजना के तहत अलग अलग वर्ग के किसानों को अलग अनुदान मिलता है। लघु और सीमांत किसानों को 75 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला किसानों को भी 75 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। सामान्य श्रेणी के किसानों को 70 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। एक किसान अधिकतम 5 हेक्टेयर जमीन तक ही अनुदान ले सकता है। इससे ज्यादा जमीन पर अनुदान नहीं मिलेगा।

मिनी स्प्रिंकलर से सिंचाई दक्षता में सुधार

यह योजना सिंचाई की गुणवत्ता सुधारने के लिए बनाई गई है। पारंपरिक तरीकों में जल उपयोग दक्षता सिर्फ 25 से 40 प्रतिशत रहती है। मिनी स्प्रिंकलर से यह दक्षता बढ़कर 70 से 75 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। इससे कम पानी में ज्यादा और बेहतर फसल मिलती है। फसल की गुणवत्ता में भी सुधार देखा जा सकता है।

आवेदन के लिए इन किसानों को पात्रता

इस योजना का लाभ लेने के लिए एक शर्त तय की गई है। किसान के पास कम से कम 0.2 हेक्टेयर सिंचित कृषि भूमि होनी चाहिए। इससे कम जमीन वाले किसान आवेदन नहीं कर सकते। जमीन सिंचाई योग्य होनी जरूरी है। बिना सिंचाई सुविधा वाली जमीन पर आवेदन मान्य नहीं होगा।

जरूरी दस्तावेज क्या हैं

आवेदन के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज साथ रखने होंगे। सबसे पहले जमाबंदी की नकल चाहिए। यह नकल 6 महीने से पुरानी नहीं होनी चाहिए। पहचान के लिए आधार कार्ड या जन आधार कार्ड देना होगा। सिंचाई स्रोत का प्रमाण पत्र भी जरूरी है। इसमें कुआं या ट्यूबवेल का विवरण देना होता है। इसके अलावा मिट्टी और पानी की जांच रिपोर्ट भी देनी होगी। साथ ही पंजीकृत सप्लायर का कोटेशन भी लगाना होगा।

आवेदन कैसे करें

किसान इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए राजकिसान पोर्टल पर जाना होगा। किसान खुद अपने कंप्यूटर या मोबाइल से आवेदन भर सकते हैं। कुछ किसान ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाते हैं। ऐसे किसान नजदीकी ई मित्र केंद्र जा सकते हैं। वहां से भी आवेदन आसानी से किया जा सकता है। आवेदन के समय सभी दस्तावेज साथ रखना जरूरी है। योजना का फायदा उन किसानों को ज्यादा मिलेगा जो समय पर दस्तावेज जमा करेंगे। अधूरे दस्तावेज होने पर आवेदन में देरी हो सकती है। इसलिए आवेदन से पहले सभी कागजात ठीक से तैयार रखने चाहिए। जरूरत पड़ने पर किसान कृषि विभाग के कार्यालय से भी मदद ले सकते हैं।

सप्लायर चुनने का अधिकार

किसान को अपनी पसंद का सप्लायर चुनने की पूरी छूट है। हालांकि यह सप्लायर कृषि विभाग में पंजीकृत होना चाहिए। संयंत्र की खरीद तय मापदंडों के अनुसार ही करनी होगी। इससे किसानों को गुणवत्ता वाला उपकरण मिलना तय होता है। घटिया उपकरण खरीदने पर अनुदान मिलने में दिक्कत हो सकती है।

पैसा कैसे मिलेगा

आवेदन के बाद विभाग खेत का भौतिक सत्यापन करता है। इस सत्यापन में अधिकारी खेत जाकर संयंत्र की जांच करते हैं। संयंत्र सही पाए जाने पर अनुदान जारी होता है। यह राशि सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाती है। अगर किसान चाहे तो यह राशि सप्लायर के खाते में भी जा सकती है। इसके लिए किसान की सहमति जरूरी होती है। इससे भुगतान में पारदर्शिता बनी रहती है।

योजना कब तक वैध

फिलहाल यह योजना चालू वित्तीय वर्ष के लिए ही मान्य है। किसानों को समय रहते आवेदन करने की सलाह दी जाती है। देरी करने पर योजना का लाभ छूट सकता है। योजना की अवधि बाद में बढ़ाई भी जा सकती है। इसकी जानकारी के लिए किसान पोर्टल पर नजर रखनी चाहिए।

यह योजना राजस्थान के किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। कम पानी में बेहतर खेती संभव हो सकेगी। इससे किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही भूजल स्तर को बचाने में भी मदद मिलेगी। आने वाले समय में और किसान इस योजना से जुड़ सकते हैं।

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